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family story apne

 ,,,,,,,,,अपना......

  

family story apne

शादी के बाद जब नीरज ने पहली बार उस पर हाथ उठाया तो मीनाक्षी भौचक रह गई थी...

कुछ नही सुझा उसे... इतनी सी बात पर कौन ऐसा करता है...नीरज ने डार्क कॉफ़ी माँगी थी पर मीनाक्षी ने दूध वाली दे दी इतना ही नही गुस्से में कॉफी मग भी पटक दिया...

अगली बार जब नीरज हाथ उठाने लगा तो मीनाक्षी ने उसका हाथ पकड़ लिया...

नीरज चिल्लाने लगा...."तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरा हाथ पकड़ने की...


"तो क्या करूँ... पिटूँ तुमसे...


ऐसी किसी स्थिति से सामना होगा, नीरज ने सोचा भी नहीं था वह इसके लिए मानसिक रूप से तैयार भी नही था उसके हिसाब से तो मीनाक्षी को सहम जाना चाहिए था...


"मां ने तो आज तक पापा का नही हाथ पकड़ा ना ऐसे बात की जैसे तुम कर रही हो...

" अविश्वास से बोला वह...


"फिर तो मां भी गलत है...


"पर दादी कहती है, पति के मार में भी प्यार होता है और यह भी कहती है कि शुरू से ही पिटाई करो तो कंट्रोल में रहेगी बहु...


ओह...तो जड़े काफी गहरी है... मीनाक्षी ने सोचा।

"पर तुमने कभी मां से पूछा है, पिट कर उन्हें कैसा लगता है...

उसे चुप देख मीनाक्षी बोली

"कोई प्यार व्यार की निशानी नहीं होता यह, नीरज। यह पुरुष की हीनभावना का परिणाम है... मां तुमसे क्या बोलती जब दादी पापा दोनों एक ही सुर में बोल रहे होते हैं अकेली पड़ जाती होंगी ना वह...


कुछ सोच कर बोला वह,

"दादी तो कहती है कि पति पत्नी को अपना मानता है इसीलिए....


"क्या पत्नी पति को अपना नहीं मानती... तो क्या वह भी पति पर हाथ उठाए...

 प्यार और  हिंसा का कोई सम्बंध नहीं नीरज...


"तुम्हें अच्छा नहीं लगता मीनू तो मां को भी तकलीफ होती होगी...

" बचपन से जो देखता आया था वह उससे परे कभी सोचा ही नहीं उसने आज मीनाक्षी ने पर्दा उठाकर भीतर का सच दिखाने की कोशिश की है...


"बिल्कुल होती होगी...


"फिर क्या करें...


"तुम अपनी माँ से प्यार करते हो...


"हां... बहुत ज़्यादा...


"तो तुम्हें ही कुछ करना होगा... मैं तो अभी नई आई हूँ, मेरा कुछ भी बोलना ठीक नहीं होगा...


शाम को कुछ शोर सुनकर मीनाक्षी कमरे से बाहर आई तो देखा कि नीरज पापा का हाथ पकड़े खड़ा है और मां सहमी सी सामने खड़ी है...


"तू दो टके का छोकरा तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरा हाथ पकड़ने की...


"बस पापा... बहुत हुआ...

आज के बाद आप माँ पर हाथ नहीं उठाएँगे...


"तू होता कौन है हम दोनों के बीच आने वाला...

 जा अपने बीवी के पल्लू में छुप...

खबरदार जो……


"बस.... अब अगर एक बार भी आपने ऐसा किया तो मैं पुलिस को बुलाऊंगा...

यह जो आप करते आएँ हैं ना... यह कानूनन जुर्म है और हां..., बंद कमरे में भी नहीं...

 मैं माँ के गोद में खेल कर ही बड़ा हुआ हूँ, एक पल में जान जाऊंगा उनकी आँखों से उनके मन का हाल...


मीनाक्षी ने माँ की तरफ देखा तो वह नम आँखों से ही सही पर बहुत प्यार और गर्व से नीरज को देख रही थी.. आज कोई उनका अपना घर में आ गया था...

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